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शिक्षा विभाग ने कसी कमर: अब प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाएंगे केके पाठक

  • जांच की मांग

शिक्षा विभाग ने कसी कमर

🌀विभागीय आदेश की अवहेलना करने वाले निजी स्कूलों में लगेगा ताला

🌀प्रत्येक दिन बेगूसराय के विभिन्न प्रखंडों के तीन निजी स्कूलों का होगा विभागीय निरीक्षण

समाचार विचार/अशोक कुमार ठाकुर/बेगूसराय: अब शिक्षा विभाग ने कसी कमर ताकि प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाई जा सके। शिक्षा विभाग द्वारा बार-बार निर्देश के बावजूद कुछ निजी स्कूल संचालक नियम-कानून का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई करने के लिए शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने सरकारी स्कूलों की तरह अब निजी स्कूलों को भी निशाने पर लेते हुए निरीक्षण कर्मियों को  निर्देश दिया है कि प्रत्येक दिन कम से कम 7 सरकारी स्कूल और तीन निजी स्कूलों का निरीक्षण करें। शिक्षा विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिना प्रस्वीकृति के संचालित हो रहे निजी विद्यालय पर विधि सम्मत कार्रवाई होगी और वैसे निजी स्कूलों की ओर से निर्गत टीसी अवैध मानी जायेगी, साथ ही निर्गत करनेवाले के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किया जायेगा।

विभागीय आदेश की अवहेलना करने वाले निजी स्कूलों में लगेगा ताला
शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2011 कहता है कि बिना प्रस्वीकृति के प्राइवेट (निजी ) स्कूलों का संचालन नहीं हो सकेगा। लेकिन  नियम को ताक पर रख कुछ निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं। शिक्षा विभाग द्वारा विकसित ई-संबंधन पोर्टल पर आवेदन अनिवार्य है। पोर्टल पर निजी स्कूल द्वारा आवेदन नहीं किया जायेगा तो विधि सम्मत कार्रवाई के साथ-साथ आर्थिक दंड का भी प्रावधान है। बावजूद इसके बिना प्रस्वीकृति के निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं। ऐसे स्कूलों पर आर्थिक दंड किये जाने का प्रावधान है। दंड लगाये जाने के बावजूद निजी स्कूलों के संचालित होने पर विभागीय आदेश की अवहेलना मानते हुए प्रत्येक दिन जुर्माना किया जा सकता है। पहले से प्रस्वीकृति प्राप्त प्राइवेट स्कूल धरातल पर चल रहे हैं या कागजों में ही सिमट कर रह गये है। उनके द्वारा विभागीय मापदंड के अनुसार प्रस्तुत किये गये कागजात ठीक है या नहीं। स्कूल की आधारभूत संरचना, शिक्षक व छात्रों की संख्या, पठन-पाठन से संबंधित संसाधनों की क्या स्थिति है। इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रस्वीकृति प्राप्त स्कूलों में कई ऐसे स्कूल है, जिनके स्कूल परिसर में खेल मैदान नहीं है। इसके साथ ही कई अन्य खामियां है। विभाग अगर सही तरीके से जांच कराये, तो कई स्कूलों की प्रस्वीकृति रद्द करनी पड़ सकती है। यही नहीं अधिकतर स्कूल आठवीं की मान्यता की आड़ में हाइस्कूल व इंटरमीडिएट की कक्षाएं चला रहे हैं। बेगूसराय में तो ऐसे विद्यालयों की बाढ़ सी आई हुई है।

प्रत्येक दिन बेगूसराय के विभिन्न प्रखंडों के तीन निजी स्कूलों का होगा विभागीय निरीक्षण
शिक्षा विभाग मानक विहीन ऐसे स्कूलों पर शिकंजा कसने में अभी तक विफल है। तेघड़ा के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राम उदय महतो ने समाचार विचार को बताया कि विभागीय मापदंड के अनुसार प्रस्वीकृति लेने वाले स्कूलों की आधारभूत संरचना होनी चाहिए। साथ ही दिए गए मापदंड को पूरा करना चाहिए। जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर विभागीय नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने बताया कि प्राप्त निर्देश के आलोक में अपने प्रखंड के निजी स्कूलों की समीक्षा रिपोर्ट प्रतिदिन भेजा जाएगा। इसके साथ ही निजी स्कूलों की संबद्धता और विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं की भी बारीकी से जांच करने का निर्देश प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि अब निरीक्षण कर्मियों को सात सरकारी और तीन निजी स्कूल का निरीक्षण करने का लक्ष्य दिया गया है।

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