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बेगूसराय विधायक ने सदन में उठाई मांग: बिहार केसरी श्री कृष्ण सिंह को मिले भारत रत्न

  • बिहार केसरी श्री बाबू ने दलितों के सामाजिक बराबरी और समानता के लिए किया था अथक प्रयास
  • सदन में विधायक कुंदन कुमार ने की कैथ पंचायत में महत्वपूर्ण संपर्क पथ के निर्माण की भी मांग
बेगूसराय विधायक ने सदन में उठाई मांग
समाचार विचार/बेगूसराय: “बेगूसराय विधायक ने सदन में उठाई मांग: बिहार केसरी श्री कृष्ण सिंह को मिले भारत रत्न” बिहार विधानसभा के एकादश सत्र में बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री स्व. श्री कृष्ण सिंह को भारत रत्न देने का विषय बेगूसराय विधायक कुंदन कुमार के द्वारा सदन में शून्य काल के माध्यम से रखा गया। विधायक कुंदन कुमार ने कहा कि बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्री कृष्ण सिंह जी को भारत रत्न से सम्मानित करने हेतु मैं बिहार सरकार से भारत सरकार को अनुशंसा करने की मांग करता हूं। विधायक कुंदन कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि श्री बाबू के नाम से चर्चित बिहार केसरी ने दलितों के सामाजिक बराबरी और समानता के लिए अथक प्रयास किया था। देवघर के प्रख्यात शिव मंदिर में दलितों का प्रवेश वर्जित था, तो श्री बाबू ने दलितों को मंदिर में प्रवेश कराने के लिए संघर्ष किया और दलित समाज के लिए मंदिर का दरवाजा खुलवाया था। उन्होंने बेगूसराय जैसे जिले में उस वक्त रिफाइनरी एवं फर्टिलाइजर जैसे बड़ी कल कारखानों एवं कई छोटे-मोटे कल कारखानों को बेगूसराय एवं बिहार के अन्य जगहों पर स्थापित कर औद्योगिक नगरी के रूप में विकसित किया, जिससे आज भी लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार, बिहार सरकार को टैक्स एवं संबंधित आसपास के क्षेत्रों का विकास हो रहा है।
श्री बाबू के द्वारा जमींदारी प्रथा को खत्म करने वाला पहला राज्य बना था बिहार
विधायक श्री कुमार ने बताया कि उन दिनों प्रांतीय सरकार के मुखिया को प्रधानमंत्री कहा जाता था। बिहार भी उन प्रांतों में से एक था एवं बिहार केसरी श्री कृष्ण सिंह जी 20 जुलाई 1937 को बिहार के प्रधानमंत्री बने। स्वतंत्र भारत में भारत का अपना संविधान बना और 1950 में पहली बार चुनाव हुए तो प्रांतों में बनने वाली सरकार के मुखिया को मुख्यमंत्री का पदनाम दिया गया और बाबू श्री कृष्ण सिंह आजाद भारत में बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री बने। 1930 के नमक सत्याग्रह आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी के आह्वान पर श्री बाबू के द्वारा मुंगेर से 100 किमी गंगा नदी पार कर गढ़पुरा तक पदयात्रा किया गया। उनके ऊपर नमक का खौलता पानी डाला गया, जुल्मे की गईं, जेल भेजा गया। परंतु वह आजादी की लड़ाई में डटे रहे। बिहार में अपने मुख्यमंत्री काल में श्री बाबू के द्वारा जमींदारी प्रथा खत्म करने वाला बिहार देश का पहला राज्य बना।
सदन में विधायक कुंदन कुमार ने की कैथ पंचायत में महत्वपूर्ण संपर्क पथ के निर्माण की भी मांग
इसके अलावा बेगूसराय विधायक कुंदन कुमार के द्वारा बिहार विधानसभा में निवेदन के माध्यम से बेगूसराय जिला अंतर्गत बेगूसराय प्रखंड के कैथ पंचायत अंतर्गत दमदमा चौहरमल स्थान से सांगो कोठी गांव तक लगभग 1.5 किमी की सड़क के निर्माण का मुद्दा सदन में उठाया गया। उक्त सड़क का निर्माण नहीं होने से आम अवाम को आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
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