🎯विधायक डॉ. सत्तानन्द संबुद्ध उर्फ ललन यादव ने किया बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा
🎯कम्युनिटी किचन और पर्याप्त नावों का हो रहा है विधिवत संचालन

समाचार विचार/साहेबपुरकमाल: अचानक उफनाई गंगा नदी के विकराल रूप धारण किए जाने के बाद प्रखंड क्षेत्र के तटीय इलाके में पुनः तीसरी बार संदलपुर पंचायत के ज्ञानटोल, बहलोरिया, समस्तीपुर व संदलपुर पंचायत के सलेमाबाद दियारा, श्रीनगर, हीराटोल, रघुनाथपुर करारी के दियारा क्षेत्र के घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों के लिए भोजन, शुद्ध पेयजल, चिकित्सा, मवेशी के लिए पशु चारा का भीषण संकट उत्पन्न हो गया है। इन सभी समस्यायों से निजात दिलाने के लिए और बाढ़ पीड़ित लोगों से मिलकर हर संभव मदद करने के उद्देश्य से गुरुवार को साहेबपुरकमाल विधानसभा के विधायक डॉक्टर सत्तानंद संबुद्ध उर्फ ललन यादव ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का सघन दौरा किया। क्षेत्र भ्रमण के क्रम में उनके साथ साहेबपुरकमाल प्रखंड के सीओ संतोष कुमार, जल संसाधन विभाग के अभियंता निरंजन कुमार अनल, साहेबपुरकमाल थाना के प्रशिक्षु डीएसपी सह थाना अध्यक्ष हिमांशु कुमार, युवा समाजसेवी खुशदिल कुमार दिलखुश, साहेबपुरकमाल पूर्वी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मनीष कुमार, संदलपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिघि धीरज यादव, कमल किशोर यादव, विकास यादव, रूपेश यादव आदि ने बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लिया।

कम्युनिटी किचन और पर्याप्त नावों का हो रहा है विधिवत संचालन
विधायक ललन यादव ने क्षेत्र भ्रमण के दौरान बताया कि जनता से मिलकर उनके समस्या के निदान हेतु उनके मदद के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि बाढ़ पीड़ित लोगों को हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराने में कोई कोताही नहीं बरती जाए। अंचलाधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि स्थानीय विधायक महोदय के सुझाव पर बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए बाढ़ राहत शिविर के तहत सामुदायिक किचन हीराटोल, श्रीनगर में, संदलपुर पंचायत के ज्ञानटोल, बहलोरिया, सलेमाबाद दियारा के बाढ़ पीड़ित के लिए उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रसलपुर संदलपुर पंचायत जबकि पूर्व से हीराटोल में चल रहा है। उन्होंने बताया कि बाढ़ग्रस्त व्यक्ति के आवागमन के लिए संदलपुर पंचायत एवं समस्तीपुर पंचायत में 6 नाव, हीराटोल में 2 नाव, श्रीनगर में 2 नाव का परिचालन किया जा रहा है। आवश्यकतानुसार और नाव की संख्या बढ़ाई जाएगी।














