➡️न्यायालय के फैसले से दबाव की राजनीति पर उठे सवाल, जिले में खुशी की लहर
➡️अंततः कानून की कसौटी पर खरा उतरा सत्य और साक्ष्य

समाचार विचार/खगड़िया: जिले में लंबे समय से चर्चा में रहे गंगौर थाना कांड संख्या–14/026 एवं चित्रगुप्त नगर थाना कांड संख्या–05/26 में माननीय व्यवहार न्यायालय, खगड़िया के ऐतिहासिक फैसले ने यह स्पष्ट कर दिया कि कानून की कसौटी पर केवल सत्य और साक्ष्य ही टिकते हैं। दोनों मामलों की सुनवाई के दौरान उपलब्ध तथ्यों और परिस्थितियों पर गहन विचार करते हुए न्यायालय ने दर्जनों आरोपितों को खड़े-खड़े जमानत प्रदान की, जिसे जिले में न्याय की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है। इन मामलों में ज्योतिष मिश्रा (नगर सभापति प्रतिनिधि, नगर परिषद खगड़िया) के साथ रजनीकांत कुमार (जिला परिषद सदस्य, क्षेत्र संख्या–01), रविशंकर कुमार (भाजपा नेता), मनीष चौधरी (भाजपा जिला प्रवक्ता), हेमंत कुमार (राजद नेता) एवं प्रवीण यादव (राजद नेता) सहित कई अन्य लोगों को माननीय न्यायालय से जमानत मिली है। न्यायालय के आदेश से यह साफ हो गया कि बिना ठोस साक्ष्य और प्रत्यक्ष भूमिका के लगाए गए आरोप न्यायिक जांच में टिक नहीं पाए।
राजनीतिक दबाव में आकर खगड़िया पुलिस ने की थी कार्रवाई
बताया जाता है कि 4 वर्ष की मासूम बच्ची से जुड़े जघन्य अपराध के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना किए जाने के बावजूद कुछ लोगों को विरोधियों के दबाव में प्राथमिक अभियुक्त बना दिया गया था। इस कार्रवाई को लेकर शुरुआत से ही सवाल उठते रहे। न्यायालय में जब पूरे मामले के तथ्य विधिवत रखे गए, तो अभियोजन पक्ष के आरोप कमजोर साबित हुए और अंततः सभी को न्याय और राहत मिली। कानूनी जानकारों का मानना है कि यह आदेश उन मामलों के लिए एक महत्वपूर्ण नज़ीर है, जहाँ भावनात्मक माहौल या दबाव में आकर कार्रवाई कर दी जाती है।

जमानत आदेश के बाद जिले में दौड़ी खुशी की लहर
जमानत आदेश के बाद जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। इस फैसले पर मिथुन शर्मा, नवीन कुमार (कांग्रेस नेता), रवि सिंह राजपूत (भाजपा नेता), सुमित कुमार, नीरज, संजीत कुमार, बिपिन कुमार, राजकिशोर चौरसिया सहित सैकड़ों लोगों ने खुशी व्यक्त की और इसे सत्य व न्याय की जीत बताया। लोगों का कहना है कि यह निर्णय उन सभी निर्दोषों के लिए राहत का संदेश है, जिन्हें कथित साजिश और दबाव की राजनीति के तहत झूठे मामलों में फँसाने का प्रयास किया गया था। जमानत मिलने के बाद ज्योतिष मिश्रा ने कहा कि उन्हें शुरू से ही न्यायपालिका पर भरोसा था और आज उसी भरोसे की जीत हुई है। उन्होंने माननीय व्यवहार न्यायालय, खगड़िया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला न्यायपालिका की निष्पक्षता, संवैधानिक मूल्यों और कानून के शासन में आम जनता के विश्वास को और मजबूत करता है।इस पूरे प्रकरण में तेज-तर्रार अधिवक्ता आदरणीय अजय सिंह की सशक्त और निर्भीक पैरवी ने झूठे मुकदमे की परतें उधेड़ दीं, जिसके सामने आते ही आरोपों का ताना-बाना ढह गया और सत्य को न्याय मिला।
Begusarai Locals
📍उत्साह: बिहार स्टेट टीचर्स एसोसिएशन गोपगुट ने किया वार्षिक कैलेंडर का लोकार्पण
📍समस्तीपुर के युवक की बेगूसराय में मिली लाश












