📍नगर निकायों में वंशावली निर्गत करने के आदेश पर नगर सभापति अर्चना कुमारी ने जाहिर की नाराजगी
📍सरकार से की निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग
समाचार विचार/खगड़िया: बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा नगर निकाय क्षेत्रों में स्थानीय नागरिकों की वंशावली निर्गत करने के संबंध में जारी आदेश को लेकर नगर परिषद खगड़िया की नगर सभापति अर्चना कुमारी ने असंतोष एवं नाराजगी जाहिर की है। विभाग द्वारा जारी आदेश में नगर निकाय क्षेत्रों में वंशावली निर्गत करने के लिए अंचलाधिकारी को सक्षम प्राधिकारी बनाए जाने की बात कही गई है, जिसे लेकर नगर परिषद स्तर पर असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। नगर सभापति अर्चना कुमारी ने कहा कि जब नगर निकाय क्षेत्र के नागरिकों से संबंधित कार्य है, तो वंशावली निर्गत करने का अधिकार नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को ही स्पष्ट रूप से दिया जाना चाहिए था। इससे न केवल आम नागरिकों को सुविधा होती, बल्कि अनावश्यक रूप से अंचल कार्यालयों पर अतिरिक्त दबाव भी नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि नगर परिषद अपने क्षेत्र के नागरिकों की वास्तविक स्थिति से भली-भांति परिचित रहती है, ऐसे में यह अधिकार नगर निकाय स्तर पर ही होना अधिक व्यावहारिक और जनहित में होता।

सरकार से की निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग
नगर सभापति ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा जारी आदेश में नगर परिषद की भूमिका स्पष्ट नहीं की गई है, जिससे नागरिकों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। यदि वंशावली निर्गत करनी ही थी तो नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को अधिकृत कर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए थे, ताकि लोगों को बार-बार अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़े। उन्होंने मांग की कि सरकार इस आदेश पर पुनर्विचार करे और नगर निकाय क्षेत्रों के लिए अलग से स्पष्ट व्यवस्था तय की जाए, जिससे नगर परिषद के माध्यम से ही नागरिकों को वंशावली जैसी महत्वपूर्ण सेवा उपलब्ध कराई जा सके। नगर सभापति ने इसे नगर स्वशासन की भावना के अनुरूप नहीं बताते हुए कहा कि स्थानीय निकायों को सशक्त करने के उद्देश्य से ही नगर परिषदों का गठन किया गया है। इस आदेश को लेकर नगर परिषद क्षेत्र के लोगों में भी चर्चा तेज हो गई है और नागरिकों का कहना है कि यदि वंशावली जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज के लिए अंचल कार्यालय जाना पड़ा, तो उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ेगा।













