➡️जीडी कॉलेज में व्याप्त अव्यवस्थाओं के खिलाफ फूटा छात्रों का गुस्सा
➡️कॉलेज प्रबंधन को दिया चरणबद्ध आंदोलन का अल्टीमेटम
समाचार विचार/बेगूसराय: बेगूसराय के जी. डी. कॉलेज परिसर में शनिवार को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध प्रदर्शन करते हुए ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति संजय कुमार चौधरी का पुतला दहन किया गया। यह विरोध प्रदर्शन एनएसयूआई जी. डी. कॉलेज इकाई के अध्यक्ष श्याम सुंदर कुमार के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर कॉलेज अध्यक्ष श्याम सुंदर कुमार ने कहा कि बीते कई महीनों से जी. डी. कॉलेज की विधि-व्यवस्था एवं मूलभूत सुविधाओं में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर प्राचार्य सहित विश्वविद्यालय के कुलपति महोदय को आवेदन के माध्यम से लगातार अवगत कराया गया है, लेकिन आज तक किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने पत्रकारों को संबोधित करते हुए गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कॉलेज परिसर में दलाल किसके संरक्षण में फल-फूल रहे हैं, यह बड़ा सवाल है। दलालों के कारण छात्र-छात्राएं लगातार परेशान हैं। श्यामसुंदर ने कहा कि अगर कॉलेज प्रबंधन समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं होता है, तो विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।

संस्थान की गरिमा और प्रतिष्ठा को धूमिल कर रहा है कॉलेज प्रबंधन
उन्होंने आगे कहा कि महाविद्यालय में शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति दयनीय बनी हुई है, जिसे सुधारने के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कॉलेज प्रशासन द्वारा लगातार संस्थान की गरिमा और प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने दशकों से कार्यरत कर्मचारियों को हटाए जाने पर भी सवाल उठाते हुए इसका कारण स्पष्ट करने की मांग की। वहीं कॉलेज उपाध्यक्ष रोहित कुमार ने कहा कि महाविद्यालय में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा पूछताछ काउंटर पर जानकार और जिम्मेदार कर्मचारी को शीघ्र बैठाया जाए, ताकि छात्र-छात्राओं को जानकारी प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। इस विरोध प्रदर्शन में एनएसयूआई के सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनमें प्रमुख रूप से अंकित कुमार, रुपेश कुमार, प्रिंस कुमार, अमन कुमार, रौनक कुमार, बब्लू कुमार, सौरभ कुमार, दीपक कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित थे। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।















