➡️अपेक्षित समाधान नहीं होने से परेशान हैं आम नागरिक
➡️नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्पित हैं नगर सभापति
समाचार विचार/खगड़िया: नगर परिषद खगड़िया की सभापति अर्चना कुमारी ने जिला दिशा समिति की बैठक में नगर परिषद क्षेत्र से जुड़ी ज्वलंत जनसमस्याओं को गंभीरता और मजबूती के साथ उठाया। उन्होंने कहा कि नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, अतिक्रमण, भेंडिंग जोन, आरटीपीएस सेवा एवं थाना स्तर पर जनप्रतिनिधियों के साथ व्यवहार से जुड़ी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं हो पा रहा है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सभापति ने बैठक में अवगत कराया कि कोठिया, रांको सहित अन्य स्थानों पर स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्रों में नियमित रूप से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं हो रही हैं। स्वास्थ्य कर्मियों की अनुपस्थिति के कारण लोगों को छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए भी जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल जाना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में सिविल सर्जन को पत्राचार किया गया है, लेकिन अब तक की गई कार्रवाई से अवगत नहीं कराया गया।
सरकारी संपत्तियों को चिन्हित कर अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग भी हुई तेज
उन्होंने सदर अस्पताल के मुख्य गेट के अंदर एवं बाहर सड़क पर लंबे समय से बने जलजमाव की समस्या को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि इससे जिले भर से आने वाले मरीजों, उनके परिजनों एवं आम लोगों को आवागमन में भारी कठिनाई होती है। उन्होंने इस समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की। शिक्षा के मुद्दे पर सभापति ने कहा कि नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत कई मध्य विद्यालयों की स्थिति अत्यंत दयनीय है। सन्हौली स्थित जर्जर विद्यालय में ताला लगने से छात्रों को दो किलोमीटर दूर दूसरे विद्यालय में पढ़ने जाना पड़ रहा है। अधिकांश विद्यालयों में शुद्ध पेयजल, शौचालय, चारदीवारी एवं गेट जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि शिक्षा विभाग सहयोग करे तो नगर परिषद की ओर से शहरी विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। सभापति अर्चना कुमारी ने सरकारी भूमि, भवन, आंगनबाड़ी केंद्र एवं सार्वजनिक उपयोग के गड्ढ़ों पर हो रहे अतिक्रमण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अंचल अधिकारी को कई बार पत्राचार के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने नगर परिषद क्षेत्र के सभी सरकारी संपत्तियों को चिन्हित कर अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की।














